छात्रों के प्रदर्शन से हिली सरकार! रातो-रात उच्च शिक्षा सचिव को हटाया, कई IAS अधिकारी इधर से उधर, CJP ने कहा- धर्मेद्र प्रधान को हटाओ
IAS Vineet Joshi removed as Higher Education Secretary Paper Leak CJP Protest
Govt Transfers IAS Officers: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे युवा-छात्रों के प्रदर्शन ने सरकार को हिला दिया है. पेपर लीक से परेशान और देश की ढीली शिक्षा व्यवस्था को लेकर युवा पीछे हटने को तैयार नहीं. जहां युवा-छात्रों के प्रदर्शन के बीच बढ़ते गतिरोध को देखते हुए केंद्र सरकार बड़े एक्शन में नजर आई है. रातो-रात शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को हटा दिया गया है और नए शिक्षा सचिव की नियुक्ति की गई है.
IAS नरेश पाल गंगवार बने नए उच्च शिक्षा सचिव
केंद्र सरकार ने 23 जुलाई की रात बड़ा फेरबदल किया और इस कड़ी में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार (राजस्थान कैडर, 1994 बैच) को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है. अब नरेश पाल गंगवार अब उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education), शिक्षा मंत्रालय के सचिव का कार्यभार संभालेंगे. वहीं इस पद से 1992 बैच के आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को हटाया गया है. विनीत जोशी को अब पंचायती राज का सचिव नियुक्त किया गया है.
यही नहीं सरकार का फेरबदल सिर्फ शिक्षा विभाग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य विभागों में नियुक्त अन्य आईएएस अधिकारी भी इधर से उधर किये गए हैं. वहीँ कुछ अधिकारियों के पदों को अस्थायी रूप से अपग्रेड करके भारत सरकार के सचिव के रैंक और वेतन पर स्पेशल सेक्रेटरी लेवल पर अपग्रेड करने की भी मंज़ूरी दी गई है. नीचे सरकार द्वारा जारी आदेश की कॉपी देखी जा सकती है.
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शिक्षा सचिव को हटाने पर बीजेपी सांसद का बयान
सरकार के इस एक्शन के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का बड़ा बयान सामने आया है. इस बयान से निशिकांत दुबे ने कहीं न कहीं अपनी ही सरकार को एक्शन के स्तर पर कठघरे में खड़ा कर दिया. उन्होंने माना की पेपर लीक में उदासीनता बरती गयी. दुबे ने लिखा, ''प्रधानमंत्री मोदी जी ने पेपर लीक मामले में उदासीनता बरतने वाले शिक्षा सचिव को बदल दिया । पेपर लीक के गुनहगारों सहित शिथिलता या उदासीनता बरतने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी. मोदी गारंटी''
CJP ने कहा- धर्मेद्र प्रधान को हटाओ
उच्च शिक्षा सचिव को हटाने भर से युवा-छात्रों का प्रदर्शन नहीं रुकने वाला. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ऐलान किया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन करते रहेंगे. अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए. वो इसमें क्यों देरी कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए.
पिछले 35 दिन से CJP का प्रदर्शन जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में युवा-छात्रों का प्रदर्शन पिछले 20 जून को शुरू हुआ था. पेपर लीक से परेशान होकर देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए पिछले 35 दिन से युवा-छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. युवा-छात्रों के दिल्ली प्रदर्शन का असर राजधानी से बाहर पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में भी देखा जा रहा है.
'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस ने लाठियां भांजी
20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवा-छात्र प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां भांजी. आंसू गैस के गोले छोड़े गए. ताकि प्रदर्शनकारियों के भारी हुजूम को संसद की ओर बढ़ने से रोका जा सके. हालांकि पुलिस की इतनी जद्दोजहद और ताकत झोंके जाने के बावजूद भी प्रदर्शनकारी संसद के नजदीक पहुंच चुके थे. पुलिस के लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, कईयों के सिर भी फूटे. जिसके कई अलग-अलग वीडियो सामने आए. वहीं प्रदर्शन में शामिल कई लड़कियां भी लाठीचार्ज में घायल हुईं. आरोप है कि उनके साथ आपत्तिजनक बर्ताव भी किया गया. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों से झड़प में कई पुलिसवाले भी घायल हो गए.
छात्रों पर लाठियां बरसाने पर सियासत गर्म
CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान युवा-छात्र प्रदर्शनकारियों और लड़कियों पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फ़ोर्स द्वारा लाठियां बरसाए जाने पर सियासत भी गरमा गई है. युवा-छात्रों पर लाठीचार्ज करने को लेकर सियासी विरोध तेज हो गया है. सड़क से लेकर संसद तक मोदी सरकार के खिलाफ गहमागहमी देखने को मिल रही है. विपक्ष युवा-छात्रों की मांगों को लेकर अपने पूरे तेवर में आ चुका है. वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है. पुलिस ने बल प्रयोग करने के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.